Job opportunities in library and information science

Job opportunities in library and information science

than extractive, maunufacturing, construction के साथ निर्देश “Add 001999 to base number 331.1241…” के अनुसार Job opportunities in military service की वर्ग संख्या का निर्माण किया जा सकता है। (i) Job opportunities in military service
331.1241 + 355 = 331.124 135 5 (ii) | 331.1241 + 020 = 331.124 102 (b) वर्ग संख्या 375 के अंतर्गत 375.01 – .99 के शीर्षक Curriculums and
courses of study in specific subjects के पश्चात निम्नलिखित निर्देश दिए हुए हैं: “Add 010-990 to base number 375…” अर्थात वर्ग संख्या 375 के साथ 010 या उसके बाद अंकित तालिकाओं से कोई भी वर्ग संख्या जोडी जा सकती है। उपर्युक्त निर्देशानुसार निम्नलिखित संश्लेषित वर्ग संख्याओं का निर्माण किया जा सकता है: (i) Curriculums in library and information sciences
375 + 020 = 375.02

(ii) Curriculums in mathematics

375 + 510 = 375.51 3.2 तालिकाओं के किसी दूरस्थ छोटे भाग से वर्ग संख्या का एक अंश जोड़ना
किसी आधार संख्या के आगे किसी भी तालिका से कोई भी वर्ग संख्या को पूर्ण रूप से जोड़ने के अलावा भी वर्ग संख्या संश्लेषण के निर्देश दशमलव में अनेक स्थानों पर मिल जाते हैं। इन ‘जोड़िए’ निर्देशों की श्रेणी में किसी निर्दिष्ट आधार संख्या के आगे तालिकाओं के किसी दूरस्थ छोटे भाग से वर्ग संख्या का एक अंश जोड़ने हेतु निर्देश अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। इस तरह के निर्देशों का ढांचा “Add to base number….the numbers following..in…” प्रकार का होता है। इन निर्देशों के अंतर्गत तालिकाओं के किसी छोटे भाग जैसे किसी एक मुख्य वर्ग, या एक प्रभाग, या एक अनुभाग या अनुभाग में वर्णित आधार संख्या के साथ जोड़ा जाता है। यह अंश उस भाग के सजातीय अंकों के बाद के अंकों से मिलकर बनता है। अर्थात निर्दिष्ट वर्ग संख्या श्रृंखला के सजातीय सर्वनिष्ठ अंकों को छोड़ दिया जाता है।
उदाहरणार्थ, Buddhistic philosophy की वर्ग संख्या बनाने के लिए सर्वप्रथम शीर्षक को पढ़कर इसके मुख्य विषय का निर्धारण किया जाता है। उपर्युक्त शीर्षक से स्पष्ट है कि
महत्व का विषय Philosophy है न कि Buddhism| अत: philosophy के विभिन्न अनुभागों को तृतीय सारांश में देखने पर वर्ग संख्या 181 तथा शीर्षक Oriental philosophy मिलता है। वर्ग संख्या 181 की तालिका में 181.04-09-[Oriental philosophy] Based on specific religions शीर्षक के पश्चात यह निर्देश दिया गया है: “Add to base number 181.0 the numbers following 29 in 294-299….” वर्ग संख्या श्रृंखला 294-299 में Buddhism की वर्ग संख्या 294.3 है, जिसमें से 29 के बाद के अंक अर्थात 43 को आधार संख्या 181.0 के आगे जोड़कर संश्लेषित वर्ग संख्या प्राप्त की जा सकती है । अत: शीर्षक |

(i) Buddhism philosophy की वर्ग संख्या

181.0 + 43 होगी।
इसी तरह, Confucious philosophy की वर्ग संख्या बनाने के लिए आधार संख्या 181.0 के आगे Confucianism की वर्ग संख्या 299.512 में से 29 के बाद के अंक 95 12 जोड़ देते है। अत: शीर्षक (i) Confucious philosophy की वर्ग संख्या 181.0 + 9512 = 181.095 12 होगी।
अन्य स्थानों पर भी तालिकाओं के किसी दूरस्थ छोटे भाग से वर्ग संख्या का एक अंश जोड़ने के लिए निर्देश मिल जाते है। निम्नलिखित उदाहरणों में ऐसे ही निर्देशानुसार संश्लेषित वर्ग संख्याओं का निर्माण किया गया है: (a) वर्ग संख्या 331.28 के शीर्षक Wages in specific industries and occupation and specific groups of industries and occupations to अंतर्गत 331.282 – 289 Extractive, manufacturing, construction [industries] के साथ निम्न निर्देश दिया गया है: “Add to base number 331.28 the numbers following 6 in 620-690….” इस निर्देशानुसार, शीर्षक (i) Wages in agriculture of cof Hell 331.28 + 30 (630 Agriculture में से 6 छोड़कर) = 331.283 (ii) Wages in mines की वर्ग संख्या 331.28 + 22 (622 Mining में से 6 छोड़कर) = 331.282 2 होगी। (b) वर्ग संख्या 395.1 के शीर्षक [Etiquette] for specific ages and sexes के पश्चात यह निर्देश दिया गया है “Add to base number 395.1 the numbers following 170.202 in 170.2022- 170.2024….” इस निर्देशानुसार निम्नलिखित संश्लेषित वर्ग संख्याओं का निर्माण किया जा सकता है: (i) Ettiquette for men
395.1 + 232 (170.202232 men में से 170.202 छोड़कर) = 395.123 2

(ii) Ettiquette for children

395.1 + 22 (170.20222 children में से 170.202 छोड़कर) = 395.122 (c) इसी प्रकार, अनेक अन्य स्थानों पर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए निम्नलिखित
संश्लेषित वर्ग संख्याओं को बनाया जा सकता है: (i) Wheat trade
380.141 + 311 (633.11 Wheat में से 63 छोड़कर) = 380.141 311 (ii) Air conditioning in secondary school buildings
697.93 + 72 (727.2 secondary school buildings में से 72 छोड़कर)
= 697.937 2 (iii) Reviews of documents in microforms
028.13 + 6 (011.36 microforms में से 011.3 छोड़कर) = 028.136 (iv) Reviews of Braille books
028.16 + 3 (011.63 braille publications में से 011.6 छोड़कर) =
|_028.163 3.3 उसी प्रभाग / अनुभाग से जोड़ना
| दशमलव में उसी प्रभाग या अनुभाग से जोड़ने के लिए दिए गए निर्देश बहु पक्षिक विषयों के वर्गीकरण में अत्यन्त सहायक होते है। इन निर्देशों के दवारा प्रणाली की अंतर्निहित सीमाओं को विस्तार देने का प्रयास किया गया है।
इन निर्देशों की सहायता से एक ही विषय के विभिन्न पक्षों एक प्रभाग के अनेकों अनुभागों में वर्गीकृत किए गए है, या एक ही अनुभाग के विभिन्न उप-अनुभागों में दिए गए हैं। को जोड़ने की सुविधा प्राप्त होती है। इस तरह के निर्देश एकल या सामूहिक दानों प्रकार से दिए जा सकते हैं सामूहिक निर्देशों का अध्ययन विस्तृत रूप से किया जाएगा। यहां पर किसी एक वर्ग संख्या के साथ दिए निर्देशों पर ही ध्यान केंद्रित किया गया है।
| शीर्षक sacred books of Jains की वर्ग संख्या निर्माण हेतु तृतीय सारांश में देखने पर 294 Religions of Indicorigin मिलता है, जिसकी तालिका में वर्ग संख्या 294.4 तथा शीर्षक Jainism मिल जाता है। अब Sacred books के लिए 294.4 – .48 General principles शीर्षक के पश्चात यह निर्देश मिल जाता है : “Add to base number 294.4 the number following 291 in 291.8… ” वर्ग संख्या श्रृंखला 291.1 – 291.8 के अंतर्गत Sacred books की वर्ग संख्या 291.82 है। उपर्युक्त निर्देशानुसार इस वर्ग संख्या में से 291 के बाद के अंक अर्थात 82 को आधार संख्या 294.4 के आगे जोड़ देते है। अत (i) Sacred books of Jains
294.4 + 82 = 294.482 होगी । (ii) Sacred places for Jains
294.4 + 35 = 294.435 (iii) Worship in Jainism
294.4 + 43 = 294.443
254
(iv) Jains Saints
294.4 + 61 = 294.461
अन्य स्थानों पर भी तालिकाओं के उसी प्रभाग या अनुभाग से जोड़ने हेतु निर्देश मिल जाते हैं। 

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